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Thursday, 16 April 2020

Third trimester of Pregnancy ,प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही
third trimester


Third trimester of Pregnancy | प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही 

(Third trimester of Pregnancy )गर्भावस्था की दूसरी तिमाही खत्म होते ही तीसरी और आखिरी तिमाही शुरू हो जाती है। यह तिमाही सातवें महीने से शुरू होकर बच्चा पैदा होने होती है।अगर हफ्तों में बात करें तो ये 28 वें सप्ताह से लेकर 40 वें सप्ताह  तक होती है। ये आखिरी तीन महीने बहुत महत्वपूर्ण होने के साथ साथ मानसिक और शारीरिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण होते है। 37 वें हफ्ते तक बच्चे का विकास पूरा  हो जाता है उसके बाद आप कभी भी माँ  बन सकती है।

Third trimester /तीसरी तिमाही में होने वाली परेशानियां -

वजन बढ़ने के कारण पहली ,दूसरी तिमाही में होने वाली परेशानियों के साथ अब और परेशानिया भी होने लगती है। इस समय सबसे ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है आइये जानते है इस तिमाही में होने वाली परेशानिया 

पेट दर्द -

बढ़ते हुए बच्चे के शरीर को समायोजित करने के लिए पेट के निचले हिस्से में स्नायुबंधन में खिंचाव होने लगता है जिस कारण से आपको असहनीय पेट दर्द हो सकता है। इसकी कोई दवा नहीं है तो आपको थोड़ा धैर्य रखना होगा। 

थकान 

आपको आपके वजन के साथ बच्चे का वजन भी उठाना है इसलिए इस समय थकान सबसे अधिक होने लगती है। इस थकान से बचने के लिए अपनी दिनचर्या को सही तरिके से मैनेज करें ये आपको करना है। सही मात्रा में व उचित भोजन करे और थोड़े बहुत काम करते रहिये। 

स्तनों में दूध आना

तीसरी तिमाही तक आपके स्तन बच्चे को स्तनपान कराने के लिए तैयार हो चुके होते है। तीसरी तिमाही में स्तनों से पिले रंग का दूध आ सकता है। अधिकतर महिलाओं में  जाता है।  ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को सपोर्ट वाली ब्रा का प्रयोग करना चाहिए।
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स्ट्रेच मार्क्स 

बच्चे के बढ़ते हुए आकर को समायोजित करने के लिए पेट का जो खिंचाव होता है उस कारण से स्ट्रेच मार्क्स हो जाते है। इन निशानों को कम करने के लिए नारियल का तेल या  स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के लिए मार्किट में भी स्पेशल आयल मिलते है। 

ब्रैक्सटन हिक्स संकुचन 

यह ऐसा शारीरिक बदलाव है जो प्रसव पीड़ा शुरू होने तक कुछ कुछ समय में होता रहता है। और आपको बार बार ऐसा लग सकता है जैसे प्रसव का समय हो गया है। इस दौरान पेट में अचानक से 1 मिनट के लिए दर्द होता है जो थोड़ी थोड़ी देर बाद होता रहता है। 

कमर दर्द  

प्रेगनेंसी में वजन बढ़ना जरूरी है जिस वजह से प्रेग्नेंट महिला में पीठ दर्द (कमर दर्द )  होना आम बात है इसमें घबराने की कोई बात नहीं है। इस कमर दर्द को कम करने के लिए कमर सीधी करके बैठने का प्रयास करना चाहिए। और बैठने के लिए सपोर्ट करने वाली कुर्सी का प्रयोग करना चाहिए। रात को सोते समय करवट लेकर सोना चाहिए और पैरों के बीच तकिया को रखने से आराम से नींद आएगी। फ्लैट जुते या चप्पल पहने  हाई हील से एक तो गिरने का डर रहेगा और दूसरा उसे कमर में दर्द भी बढ़ता है। अगर दर्द बहुत ज्यादा हो तो कमर की मालिश करवा लीजिये काफी आराम मिलेगा। ज्यादा देर तक एक ही पोजीशन में नहीं रहना चाहिए।(Third trimester of Pregnancy )

कब्जी होना 

प्रेगनेंसी में कब्जी होना एक आम समस्या है ये लगभग सभी प्रेग्नेंट महिलाओं में देखि जाती है। कब्जी को दूर करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पिए और तरल चीजों को सेवन ज्यादा करना चाहिए। रोजाना  एक्सरसाइज करनी चाहिए।

सफ़ेद डिस्चार्ज होना 

तीसरी तिमाही में दूसरी तिमाही से ज्यादा सफ़ेद पानी आने लगता है।  इसमें घबराने की कोई बात नहीं है अगर यह गाढ़ा ,साफ़ और हल्का लाल रंग का हो तो इसका मतलब है की डिलीवरी का समय पास आ गया है और सामान्य से ज्यादा तरल आना शुरू हो जाये तो ये प्रसव के समय आने वाला तरल हो सकता है ऐसा होने पर अपने डॉक्टर से बात जरूर करें और उन्हें इस बारे में जानकारी दे।

प्रेगनेंसी के first trimester में क्या करें क्या नहीं करें ?

Third trimester /तीसरी तिमाही में क्या करना चाहिए -

  1. नार्मल डिलीवरी के लिए अपने आप को क्रियाशील बनाये रखे। हल्के फुल्के काम करते रहिये। पूरा दिन आराम नहीं करना। 
  2. स्तनपान के लिए खुद को तैयार कर लें। 
  3. रोजाना सुबह या श्याम व्यायाम या एक्सरसाइज करनी चाहिए। प्रेग्नेंट महिला के लिए चलना ,टहलना एक बढ़िया व्यायाम है। सुबह उठकर और रात को खाने के बाद जरूर करना चाहिए। और अगर एक्सरसाइज करते है तो ध्यान रखे हल्की एक्सरसाइज करे जिनमे पेट पर जोर न पड़े। नार्मल डिलीवरी के लिए जितना हो सके उतना चलने वाला व्यायाम करे। 
  4. प्रेगनेंसी के दौरान नींद पूरी लें। पर्याप्त मात्रा में नींद लेने से बच्चे का विकास सही तरिके से होता है। 
  5. पानी पर्याप्त मात्रा में पिए इस समय शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। पानी की कमी बच्चे के लिए सही नहीं होती। जितना आपका वजन है उसको 30 से विभाजित कर लीजिये जो परिणाम होगा उतने लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। जैसे यदि वजन 60 किलो है तो 30 से विभाजित करने के बाद 2 आएगा तो आपको दो लीटर पानी पीना चाहिए। 
  6. खाने में फल ,फाइबर ,कम वसा ,प्रोटीन और सब्जियों का सेवन करना चाहिए।हर दो घंटे में कुछ ना कुछ हेल्दी खाना या जूस पीते रहना चाहिए। 
  7. जो भी आपकी डॉक्टर है उसका फ़ोन नंबर जरूर लेकर कर रखे ताकि किसी समय कोई दिक्कत हो तो बात कर सके। और डॉक्टर के बताये समय पर डॉक्टर से मिलते रहिये और रेगुलर चेकअप कराते रहना चाहिए। जो भी जरूरी टेस्ट होते है उन्हें सही समय पर करना चाहिए। (Third trimester of Pregnancy )
  8. दूध को हमेशा अच्छे से उबाल कर ही प्रयोग करना चाहिए। और रोजाना दो गिलास दूध पीना चाहिए। 
  9. प्रसव पूर्व लिए जाने वाले विटामिन जरूर ले। अगर आप नहीं जानते तो अपने डॉक्टर से बात करें। 

  10. Second trimester /दूसरी तिमाही में क्या क्या करना चाहिए

    Third trimester /तीसरी तिमाही में क्या नहीं करना चाहिए -


    1. प्रेगनेंसी के दौरान कच्चा मांस ,कच्चा अंडा और कच्चा पनीर नहीं खाना चाहिए क्योंकि इनमे जो बैक्टीरिया होते है वो आपके बच्चे को नुक्सान पहुंचा सकते है और मेरी सलाह है की आप इस दौरान नॉन वेज बिलकुल न खाये क्योंकि नॉन वेज खाने को पचाने में ज्यादा समय लगता है और इससे एसिडिटी बढ़ती है।
    2. शराब व् सिगरेट का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए। शराब बच्चे तक पहुंच कर आपके बच्चे में कई तरह के विकार पैदा कर सकती है। और हो सके तो सिगरेट पिने वाले लोगो से दूर रहे।
    3. प्रेगनेंसी के दौरान तनाव में ना रहे हमेशा खुश रहने की कोशिश कीजिये। कई बार ज्यादा तनाव में रहने से बच्चे की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। ज्यादा तनाव में रहने से गर्भपात भी हो जाता है।
    4. इस समय नहाने के लिए  हॉट टब  का प्रयोग न करे क्योंकि ऐसा करने से आपका तापमान अचानक से बढ़ सकता है जिससे आपके शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
    5. प्रेगनेंसी में व्रत यानि फ़ास्ट नहीं रखने चाहिए। इसके कारण शरीर में आयरन,फोलिक एसिड और कई पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। व्रत हर साल आते रहेंगे इस समय अपने बच्चे का ख्याल रखिये बस।
    6. फ़ास्ट फ़ूड को कुछ दिनों के लिए बिलकुल भूल जाईये। घर का बना हुआ खाना खाइये। तला हुआ खाना नहीं खाना चाहिए इससे गैस और पेट में जलन होती रहेगी। और जो भी खाये ताजा खाइये पुराना खाना नहीं खाना है।
    7. इस समय में आपको ज्यादा भीड़भाड़ ,प्रदूषण और रेडिएशन वाली जगहों पर नहीं जाना चाहिए। इस सबसे आपकी और आपके बच्चे की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। और बहुत जरूरी न हो तो ट्रेवलिंग ना करे। अगर जरूरी है तो अपने vehicle का इस्तेमाल करे ताकि कम स्पीड में ट्रेवल कर सके।
    8. चाय ,कॉफी पीना बंद कर दीजिये जो थोड़ा मुश्किल है इसलिए जितना हो सके उतनी कम पिए क्योंकि इनसे एसिडिटी बनती है जो सीने में जलन पैदा करती है।
    9. ज्यादा तंग कपड़े नहीं पहनने चाहिए उससे घबराहट होने लगती है इसलिए कोशिश करे की कपड़े ढीले और आरामदेह(सूती ) हो। और बिना हील और comfortable जूते या चप्प्ल पहनें। 
    10. किसी स्टूल या टेबल पर न चढ़े। (Third trimester of Pregnancy )
    11. कोई भी भारी सामान न उठाये। 
    12. सीढ़ियों का प्रयोग कम से कम करना चाहिए । 
    13. आगे की तरफ ज्यादा ना झुके। 
    14. ज्यादा देर तक एक ही पोजीशन में ना बैठे। 


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